अंतिम अद्यतन: 06-11-2017
 
 
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राष्ट्रीय सांस्कृतिक संपदा संरक्षण अनुसंधानशाला
National Research Laboratory for Conservation of Cultural Property

 
             
   
             
 
 
   
 
   
 
एन.आर.एल.सी. के बारे में!
 

संस्कृति मंत्रालय के अधीनस्थ कार्यालय के रुप में सन् 1976 में स्थापित राष्ट्रीय सांस्कृतिक सम्पदा संरक्षण अनुसंधानषाला, प्राचीन इमारतों, स्थलों, संग्रहों के संरक्षण सम्बन्धी शोध कार्य हेतु समर्पित अपने ढंग की एक प्रमुख संस्था है।

एन.आर.एल.सी. अपने लक्ष्यों की प्राप्ति वैज्ञानिक शोध, षिक्षण एवं प्रषिक्षण, क्षेत्र-परियोजनायें, पारस्परिक सहयोग तथा जर्नल् में प्रकाषित लेखों, सम्मेलनों, कार्यषालाओं, प्रकाषनों एवं जन-प्रतिभागिता के माध्यम से करती है।

एन.आर.एल.सी. पर्याप्त आधारिक संरचना तथा सामग्रियों के विष्लेषण, परीक्षण एवं संरक्षण सम्बन्धी हल विकसित करने के लिये प्रयोगषालाओं से भली-भाँति सुसज्जित है।

एन.आर.एल.सी. सामग्रियों की संरचना एवं कला-विन्यास की तकनीक, क्षय की प्रक्रिया को धीमी करने की विधियों तथा आगामी क्षय को रोकने, क्षय के कारणों सम्बन्धी सूचना प्रदान करने एवं उपचार के विकल्पों, संरक्षण सम्बन्धी समाधान (हल) ढूँढने तथा सांस्कृतिक सम्पदा सम्बन्धी सामग्री के उपचार कार्य का मूल्यांकन करने से सम्बन्धित शोध कार्य संचालित करती है।

समय बीतने के साथ-साथ एन.आर.एल.सी. के तीन परिसर - दो लखनऊ में और एक मैसूर, में विकसित हुए है। एन.आर.एल.सी. ने सैकड़ों प्रषिक्षित व्यावसायिकों को जन्म दिया है। सन् 2011 में क्षेत्र परियोजनाओं के लिये सरकार द्वारा जमा-षीर्ष स्वीकृत किये जाने के पश्चात् एन.आर.एल.सी. के पास अब अन्य निजी, सार्वजनिक तथा सांस्कृतिक संस्थाओं के संरक्षण सम्बन्धी कार्यों का दायित्व शुल्क के आधार पर लेने का शासनादेष है। एन.आर.एल.सी. ने कुछ प्रधान संरक्षण परियोजनायें पूरी की हैं और कुछ अभी चल रही है।

 
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राष्ट्रीय सांस्कृतिक संपदा संरक्षण अनुसंधानशाला
N.R.L.C. प्रशिक्षण संस्थान, सेक्टर जी, जानकीपुरम, लखनऊ - 226021
ई-मेल: dg.nrlc@gov.in, dgnrlclucknow@gmail.com (वैकल्पिक)
टेलीफोन नं .: 091- (522) -2735313 (जानकीपुरम परिसर)

   
 
 
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